इस पत्रकारिता के पेशे में लोग लाखों कमा रहे हैं ...राजधानी से ले कर छोटे बड़े शहरों ,गावं कस्बों तक फैले इस खबर उद्योग के कारिंदे खूब खुश नजर आ रहे हैं ... कई बड़े चैनलों में बड़े रिपोर्टर बन कर मोटी तनख्वाह बटोर रहें हैं तो कई छोटे चैनलों ,अख़बारों में विज्ञापन के सहारे मजे कर रहें हैं ...कुछ तो इस पेशे का खाली रोब ही झाड़ कर अपने वारे -न्यारे करने में लगें हैं .... पत्रकारिता का स्वरूप बदल रहा है ..अब सिधांतों की बात करने वाले झोला छाप खबरचियों का जमाना नहीं रहा ...मोटे- मोटे चश्मे लगा कर बैठे खद्दर कुर्ता धारी गुरु जियों के दिन भी लद चुके हैं ... चैनलों के ऐसी दफ्तरों में नाभि -दर्शना टी -शर्ट और जींस पहनने वाली षोडशी कन्यायें अस्सिसटेंट से असायिनमेंट तक देखने में लगी हैं ...खबरों के कचूमर निकाले जा रहे हैं ...
शेष फिर कभी ...
No Mr. Monga I don't agree with you that honesty becomes an obstacle in the way of progress of a man like you.You are self made personality in this small city of Jind . It is not the matter of luck but also the matter of hard work that you have become a well known personality in jind.
ReplyDelete